30 साल बाद बहुचर्चित रूबिया सईद अपहरण मामले की सुनवाई शुरू, यासीन मलिक से जिरह

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जम्मू : करीब 30 साल बाद विश्व भर में चर्चित रूबिया सईद अपहरण व चार वायु सैनिकों की हत्या मामले की सुनवाई कश्मीर में विशेष अदालत में शुरू हुई है. मालूम हो कि रूबिया सईद तत्कालीन गृहमंत्री व जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी है. कई आरोपित पेश नहीं होने की वजह से शनिवार को सुनवाई टाल दी गई है. विशेष अदालत में प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का परीक्षण शुरू किया गया है.

अधिकारियों के अनुसार अभियोजन पक्ष के गवाह अब्दुल रहमान सोफी और हत्या का आरोपित सलीम उर्फ नानाजी अदालत में मौजूद था. इधर, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के यासीन मलिक तिहाड़ जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में शामिल हुआ. मालूम हो कि यासीन मलिक दोनों मामलों में आरोपित है. मलिक ने अदालत को बताया कि वह खुद गवाहों से जिरह करना चाहता है. इन्हें किसी वकील की मदद नहीं चाहिये.

दोनों मामलों में सीबीआइ की ओर से मुख्य अभियोजक के तौर पर पेश हुई मोनिका कोहली ने एजेंसी की तरफ से पूछताछ की. कोहली सात वर्षों से उच्च न्यायालय में एक रिटेनर वकील के रूप में सीबीआइ की ओर से पेश हो रही हैं.यासीन मलिक और छह अन्य आरोपितों पर श्रीनगर के बाहरी इलाके में 25 जनवरी 1990 को वायुसेना के चार जवानों की हत्या का आरोप है. इन सभी पर पिछले आरोप तय किए गए हैं.

आठ दिसंबर 1989 में रूबिया सईद के अपहरण मामले में अदालत ने इस साल 11 जनवरी को यासीन मलिक और नौ अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे. आरोपितों में अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद जमां मीर, इकबाल अहमद, जावेद अहमद मीर, मोहम्मद रफीक, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मेहराज-उद-दीन शेख और शौकत अहमद बख्शी भी शामिल हैं. रूबिया का आतंकियों ने उस समय अपहरण कर लिया था जब वह अस्पताल से ड्यूटी पूरी होने के बाद घर के लिए निकली थी. रूबिया के बदले में आतंकियों ने साथी आतंकियों की मांग रखी थी.

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